Wednesday, November 13, 2019
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Neelaambuj Shyaamal Komalaangam

Shri Ram Vandana

नीलाम्बुजश्यामलकोमलाङ्गं, सीतासमारोपितवामभागम। पाणौ महासायकचारूचापं, नमामि रामं रघुवंशनाथम ॥३॥ Neelaambuj Shyaamal Komalaangam, Sita Samaro Pitvaam Bhaagam, Paanau Mahaasaayak Chaaru chaapam, Namaami Raamam Raghuvansh Naatham ॥३॥ (गोस्वामी तुलसीदासकृत रामचरितमानस, अयोध्याकाण्ड, श्लोक ३) हिंदी शब्दार्थ नील कमल के सामान श्यामल, सुन्दर, सांवले और कोमल अंग वाले, जिन के बाई ओर सीता माता विराजमान हो कर के इस

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Kartik Swami Temple

कार्तिक स्वामी मंदिर

कार्तिक स्वामी रुद्रप्रयाग जिले के पवित्र पर्यटक स्थलों में से एक है। रुद्रप्रयाग शहर से 38 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस स्थान पर भगवान शिव के पुत्र भगवान कार्तिकेय को समर्पित मंदिर है। समुद्रतल से 3048 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह स्थान शक्तिशाली हिमालय की श्रेणियों से घिरा हुआ

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Types of God in Hindu Religion

33crore (330 million) or 33 types of God in Hindu Dharm

हिंदू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उड़ाई गयी की हिन्दूओं के 33 करोड़ देवी देवता हैं या यह कहें कि स्वमं हिंदुओं को भी हिंदू धर्म एवं वेदों का ज्ञान न होने के कारण यह दुष्प्रचार हुआ। इसी कारण मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे

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Swami Avdheshanand Giri Maharaj

The ideology of Hindutva can bring peace in the world today

हिन्दुत्व माने मानव धर्म। जीव मात्र का धर्म। हिन्दुत्व या सनातन धर्म की बात करते हैं तो हमारा औदार्य सामने आता है:- 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का। 'आत्मवत् सर्वभूतेषु' का। सबको अपने जैसा देखो, चूंकि आप कुटुम्ब में हैं। पूरा विश्व ही एक कुटुम्ब माना गया है-अग्नि, अंबर, जल, वायु, निहारिकाएं, नक्षत्र, जलचर, थलचर,

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What is Janeu?

What is Janeu?

जनेऊ क्या है ? आपने देखा होगा कि बहुत से लोग बाएं कांधे से दाएं बाजू की ओर एक कच्चा धागा लपेटे रहते हैं। इस धागे को जनेऊ कहते हैं। जनेऊ तीन धागों वाला एक सूत्र होता है। जनेऊ को संस्कृत भाषा में ‘यज्ञोपवीत’ कहा जाता है। यह सूत से बना

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56 Bhog

56 Bhog

56 (छप्पन) भोग क्यों लगाते है...??? भगवान को लगाए जाने वाले भोग की बड़ी महिमा है। इनके लिए 56 प्रकार के व्यंजन परोसे जाते हैं, जिसे छप्पन भोग कहा जाता है। यह भोग रसगुल्ले से शुरू होकर दही, चावल, पूरी, पापड़ आदि से होते हुए इलायची पर जाकर खत्म होता है। अष्ट पहर भोजन

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Gopashtami

Gopashtami

गोपाष्टमी, ब्रज में भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख पर्व है। गायों की रक्षा करने के कारण भगवान श्री कृष्ण जी का अतिप्रिय नाम 'गोविन्द' पड़ा। कार्तिक शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा से सप्तमी तक गो-गोप-गोपियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को धारण किया था। इसी समय

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The Basics of Sanatan Dharm Culture

The Basics of Sanatan Dharm Culture

दो पक्ष कृष्ण पक्ष, शुक्ल पक्ष तीन ऋण देवऋण, पितृऋण, ऋषिऋण चार युग सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग चार धाम द्वारिका, बद्रीनाथ, जगन्नाथपुरी, रामेश्वरमधाम चार पीठ शारदा पीठ (द्वारिका), ज्योतिष पीठ (जोशीमठ बद्रिधाम), गोवर्धन पीठ (जगन्नाथपुरी), शृंगेरीपीठ चार वेद ऋग्वेद, अथर्वेद, यजुर्वेद, सामवेद चार आश्रम ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ, संन्यास चार अंतःकरण मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार पञ्च गव्य गाय का घी, दूध, दही, गोमूत्र, गोबर पञ्च देव गणेश, विष्णु, शिव, देवी,

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