Wednesday, October 16, 2019
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Unbroken India Our Faith By Sh. Ashok Ji

Akhand Bharat

अखंड भारत हमारी आस्था

श्री अशोक जी (विभाग कार्यवाह, दक्षिणी विभाग) दिनाक : 31/12/2016

हर राष्ट्रभक्त का सपना है अखंड भारत। हमने भूगोल को बिगड़ते हुए देखा है। पुन: हम खंडित हुए राष्ट्र को फिर से भारत वर्ष में कैसे विलीन करेंगे, यही विचार करना है और इसी और अग्रेसर होना है, हर भारतवासी को जागृत करके संगठित करके इसी कार्य की और लगना तभी हम अपने लक्ष्य को हासिल कर पाएगें।

जब हम भारत को भौगोलिक दृष्टि से देखते हैं तो लगता है की प्रकृति ने ही इसे बनाया है। भारत राष्ट्र अन्य देशों से अलग है, दूसरे देश या तो कबीलों से देश बन गय या भाषाओं/आदतों के आधार पर बने।

हमारा राष्ट्र लाखों वर्ष पुराना है वेद, पुरानो, गीता में उल्लेख है। हम अपने राष्ट्र को भावनात्मक इकाई से देखते हैं न की राजनीतिक इकाई से। हमारे लिए राष्ट्र की धारणा भूमि, जल, और संस्कृति से झुडी है और इसी भावना से हम भारतवासी जीते आ रहे हैं।

हमारे देश में अनेक भाषा बोली जाती हैं, अलग-अलग रीती-रिवाजों और परम्पराओं को लोग मानने वाले हैं लेकिन भारत संस्कृतिक रूप से एक रहा। विविधता में एकता ही हमारी ताकत है और हमारी पहचान है। जैसे माला में अनेक मोती होते हैं लेकिन वो एक धागे से बंधे होते है इसी तरह हम भी एक संस्कृति से बंधे है।

हमने कभी भी विविधता को संघर्ष के रूप में नहीं देखा है, हमारी संस्कृति की यही विशोषता है कि हम सबको सम्मान देते हैं, हम प्रकृति को भी बड़े ही वैज्ञानिक दृष्टि से देखते हैं। हिन्दू धर्म ही सबसे ज़यादा संवेदनशील है।

राम मनोहर लोहिया की पुस्तक “गुनाहों के गुणागार” जिसमें विभाजन को चार गुणागारों ने बड़ी ही शांतिपूर्वक ढंग से किया था, क्योंकि यह सभी 4 गुणागार देश का विभाजन कराने में खुश थे।

अंग्रेजों ने बड़ी ही छलपूर्वक तरीके के साथ भारत की छवि को विकृत करने का प्रयास किया, कभी इतिहास और पढाई को विकृत करके तो कभी मंतातरण को प्रोत्साहन देके।

अज़ीज़ अहमद की पुस्तक “Study of Islamic culture in Indian environment” जिन्ना न कभी नमाज़ पढता था न इस्लामिक था, पूरी तरह पाश्चात्यीकरण में लिप्त, लेकिन मुसलमानों में इसको स्वीकृति मिली क्योंकि वो विभाजन की बात करने लग गया था।

9/11 के बाद जितनी कुरान बिकी है इतनी और कोई पुस्तक नहीं, क्योंकि लोगों के यह उत्सुकता हुई है की आखिर ऐसा क्या है कुरान में जो मुसलमानों को इस्लाम के लिए हलाक होने के लिए कहती है और निर्दोष और बेगुनाहों लोगों को मारने में भी गर्व महसूस करवाती है।

अफ़ग़ानिस्तान के बहुत मुसलमान आज भी अरब की रीती-रिवाजों को नहीं मानते, वो कहते है की हमारी संस्कृति अलग है।

हिन्दू विरोधी मानसिकता ही सबसे बड़ा रुकावट है अखंड भारत के लिए।

भुगोल को विगाड़कर अखंड भारत बनाना है या इस आधार पर की हमारी संस्कृति एक है। हमें यह भी समझना है कि अखंड भारत की संकल्पना कैसे साकार होगी।

मुसलमान जो अजगर की तरह हमे निगल रहा है या तो हमें उसका ग्रास बनना है या हमने उसका बापस भाव जगाना है की आखिर तुम भी हिन्दू ही हो, तुम्हारे पूर्वज भी हिन्दू ही थे और तुम्हारी संस्कृति भी हिन्दू संस्कृति ही थी, अपने आप को पहचानो और वापिस हिन्दू बनो।

अखंड भारत बनाने के लिए हम खुद से क्या कर सकते हैं, यहाँ से प्रारम्भ करना है। हिन्दू समाज को संगठित होना होगा और फिर विछडे हुए लोगों को वापस लाना होगा तो निश्चिंत ही भारत फिर से अखंड भारत बनेगा।

हमारा इतिहास एक ही रहा है, हम अवश्य ही सांस्कृतिक रूप से एक होंगे।

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