Wednesday, November 13, 2019
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युगों-युगों से बहती आई हिन्दु संस्कृति धारा…

Yugon-Yugon Se Behti Aayi...

युगों-युगों से बहती आई हिन्दु संस्कृति धारा,
इससे ही एकात्म हुआ है सारा राष्ट्र हमारा !!

वेदों की पावन धरती यह, देवों ने अवतार लिये,
राम, कृष्ण, गौतम, नानक ने अमृत्सम सुविचार दिए,
एक सूत्र में पिरो सभी को … 2,
दिया स्नेह सहारा ! इससे ही एकात्म …..

वनवासी, गिरिवासी वंचित, बन्धु सहोदर हैं अपने,
सबको लेकर साथ चलें हम, पूर्ण करें सबके सपने,
समरस जीवन से टूटेगी …2, भेदभाव की कारा ! इससे ही एकात्म …..

नारी का सम्मान यहाँ की, गौरवशाली परम्परा,
मातृशक्ति के संस्कारों से, पोषित है यह पुण्य धरा,
त्याग प्रेम के आदर्शों ने …2,
भारत भाग्य संवारा ! इससे ही एकात्म …..

युगों-युगों से बहती आई हिन्दु संस्कृति धारा
इससे ही एकात्म हुआ है सारा राष्ट्र हमारा !!

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2 thoughts on “युगों-युगों से बहती आई हिन्दु संस्कृति धारा…

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